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Thursday, April 18, 2019

On page seo क्या है ? इसे कैसे और क्यों करते है ?


On-page seo , SEO का ही एक पार्ट है । SEO ब्लाॅग/website को रैंक करवाने के लिये किया जाता है जबकि on-page seo एक आर्टिकल को रैंक करवाने के लिये किया जाता है । अगर आप एक बार on-page seo क्या है अच्छे से समझ लिया तो आप बहुत आसानी से किसी भी आर्टिकल को सर्च इंजन में पहली रैंक पर ला सकते हो ।

On page seo

on-page seo इतना मुश्किल नहीं है बस आपको कुछ चीजों का ध्यान रखना है जो इस आर्टिकल में आपको बताई गई है । on-page seo article लिखते समय किया जाता है , अगर आपने पहले से article लिख रखा है तो उसे update कर सकते है । इस आर्टिकल में हम आपको आसान स्टेप्स में on-page seo के बारे में विस्तार से समझाने कि कोशीश करेंगे । अगर आपके कुछ आर्टिकल पहली रैंक पर आ गये तो आपका ब्लाॅग/website आसानी से सर्च इंजन में टाॅप पर आ जायेगी ।

एक होता है on-page seo और दुसरा होता है off- page seo , इस article में on-page seo क्या है , इसे कैसे करते है समझेंगे  । अगर आपने एक बार किसी आर्टिकल का on-page seo कर दिया तो off-page seo आसानी से हो जायेगा ।

on-page seo करते समय हमें कुछ स्टेप्स का ध्यान रखना है जो इस प्रकार है :-
1.   Tital
2. Meta description
3. Permalink
4. Heading
5. Keyword research
6. Keyword density
7. Spelling mistakes
8. Images optimization
9. Content
10. Article length
11. Internal and external linking
12. Page speed
13. Bonus rate 

इन सभी स्टेप्स को हम विस्तार से समझेंगे »

on-page seo क्यों जरुरी है ? 

जिस प्रकार किसी भी ब्लाॅग या वेबसाइट को रैंक करवाने के लिये SEO जरुरी है उसी प्रकार किसी  भी आर्टिकल को रैंक करवाने के लिये on-page seo और off-page seo जरुरी है , ये दोनो seo (Search engine optimization) के हि भाग है । 

अगर आप किसी आर्टिकल का on-page seo अच्छा कर लेते है तो off-page seo की अधिक आवश्यकता नही रहती ।
On page seo

अगर आपने कोई आर्टिकल लिखा है तो उसके लिये जरुरी है कि वो ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुँचे और आपको अच्छा traffic मिलें , उसके लिये आपको आर्टिकल का on-page seo करना जरुरी हो जाता है । अगर आप एक आर्टिकल रैंक कर लेते हो तो उस पर आपको बहुत अच्छा traffic मिलेगा जिसे आप अपने अन्य आर्टिकल पर भी भेज सकते हो , सिर्फ उन्हि आर्टिकल पर जो उस आर्टिकल से रिलेटेड हो  । तो आ समझ गये होंगे किसी भी आर्टिकल को रैंक करने के लिये on-page seo कितना जरुरी है ।

on-page seo कैसे करते है ? 

on-page seo करने के लिये हमें बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना होगा जिनका जिक्र हमनें उपर किया है । अब हम उनको विस्तार से समझते है »

1. Post title:- 

Post का tital आर्टिकल का मुख्य पार्ट होता है , tital on-page seo में अहम भुमिका निभाता है ।

⊙ tital को हमेशा छोटा रखे 

⊙ इसमें मुख्य keyword अवश्य डालें , tital में मुख्य keyword कभी भी दो बार इस्तेमाल ना करें ।

⊙ tital में आकर्षक keyword डाले जैसे top , best , important , Free ,latest ।

⊙ tital में नम्बर का इस्तेमाल करने का प्रयास करें क्योंकि नम्बर को हमारी आँखें जल्दी पकड़ती है जिससे आपका tital आकर्षक बनेगा ।

⊙ tital में मुख्य keyword को शुरु में डाले अगर शुरु में सेट नही हो रहा है तो मिडिल में जरुर डाले ।

जैसे हमारा आर्टिकल on-page seo पर है
 
on-page seo क्या है ?  (सही )
क्या है on-page seo ? (गलत)

2. Meta description :-

आर्टिकल का meta description आर्टिकल में आप क्या बताने वाले हो उसका छोटा रुप होता है । meta description में अपने आर्टिकल के बारे में बताये  , आप आर्टिकल में क्या बताने जा रहे है और किस तरह बतायेंगे । meta description 150-160 words का हि रखे ।
meta description में मुख्य keyword का इस्तेमाल दो बार अवश्य करें , इसके साथ साथ अन्य keyword का भी इस्तेमाल meta description में अच्छे से करें । सर्च इंजन के क्रावलर आर्टिकल को क्रावल करनें से पहले meta description को क्रावल करके पता लगाते है आपके आर्टिकल में क्या क्या है ।

हमेशा meta description ऐसा लिखे जिससे user आपके आर्टिकल से जुड सके और आपका आर्टिकल पुरा पड़े । meta description आपके आर्टिकल की जान होती है ।

किसी भी वेबसाइट या ब्लाॅग पर क्लिक करने से पहले लोग tital के बाद आपका meta description देखते है ।

3. Permalink :- 

Permalink आर्टिकल का URL link होता है ।

⊙ permalink में मुख्य keyword डाले ।

⊙ permalink को हमेशा short रखे । 

जैसे https :/ / www.achievedreams.in/what-is-on-page-seo-and-how-to-do-on-page-seo (गलत )

Https :/ / www.achievedreams.in/what-is-on-page-seo (सही )

⊙ permalink को ज्यादा बडा डालने से , permalink कुछ इस तरह से हो जायेगा Https :/ / www.achievedreams.in/p=104 , इस permalink का आपके आर्टिकल पर नेगेटिव असर पडता है ।
Permalink को मेनयुली  चेंज कर दे और ऊपर बताये अनुसार प्रमालिंक डाले ।

⊙ permalink में कभी भी A , the , and जैसे शब्दों का इस्तेमाल ना करें , क्योंकि इन्हें  stop keyword माना जाता है जो on-page-seo पर नेगेटिव असर डालते है ।

4. Headings :-

Headings का भी on-page seo  में असर पडता है । Article लिखते समय headings का इस्तेमाल अवश्य करें , heading से सर्च इंजन के बोटस को आपके कंटेंट को समझने में आसानी होगी । heading से user को भी आपका आर्टिकल समझने में आसानी होगी और user आपके आर्टिकल पर ज्यादा समय बितायेगा , जिससे आपके आर्टिकल का bonus rate कम होगा ।

⊙Headings हमेशा क्रम में लगाए -

On WordPress
H1 tag
H2 tag
H3 tag

On blogger
Heading
Subheading
Mirror heading


5. Keyword research :- 

अगर आप एक नये ब्लाॅगर है तो keyword research पर आपको काम करना होगा , keyword researching को समझना होगा ।

अगर आप Keyword research को समझ गये तो किसी भी keyword पर अपने आर्टिकल को आसानी से रैंक करवा पायेंगे ।

Keyword researching करने के बहुत सारे tool है , कुछ free है कुछ paid , अगर आप एक नये ब्लाॅगर है तो आपको पैसे लगाने की आवश्यकता नही है , आप free tool use कर सकते है ।

कुछ free tools :- 

⊙ google keyword planner
⊙ keywordplanner.io

इन tools की साहयता से आप उस keyword पर research करें जिस पर आप आर्टिकल लिख रहे है  । जैसे कि उस keyword को कितना सर्च किया जाता है , उस keyword पर कितना कम्पीटीशन ( उस keyword पर पहले से लोग कितने आर्टिकल लिखे जा चुके है और लोग कितने लिख रहे है , इसे बोलते है कम्पीटीशन ) है ।

आप अगर नये ब्लाॅगर है तो low competition keyword का चयन करें  । इसके साथ साथ ये tools आपको नये keywords का भी सुझाव देते है ।

6. Keyword density:-

आप आर्टिकल में कितनी बार keyword का इस्तेमाल कर रहे है उसका प्रतिशत keyword density कहलाता है । on-page-seo के लिये आप आर्टिकल में 2.5 % keyword density रखे । यानी कि अगर आपका आर्टिकल 1000 words का है तो आप 25 बार आर्टिकल में मुख्य keyword डाल सकते है । keyword density ज्यादा ना बढने दे क्योंकी इसका नेगेटिव असर भी पड सकता है  ।

7. Spelling mistakes:-  

दोस्तों अगर आप ब्लाॅग English में लिख रहे हो तो spelling का ध्यान रखे , spelling mistake का on-page-seo पर बुरा असर पडता है । spelling mistakes की वजह से सर्च इंजन आपके आर्टिकल को उतनी अहमियत नही देता । इसलिए आर्टिकल लिखते समय spelling का भी ध्यान रखे । ये on-page-seo के लिये बहुत जरुरी है ।

8. Images optimization:-

on-page-seo करते समय images seo भी करें । सबसे जरुरी है कि आप आर्टिकल में कम से कम 2,3 images डाले । images का size जितना हो सके कम रखे , इससे पेज जल्दी लोड होगा ।

Image का tital डाले , tital में मुख्य keyword का इस्तेमाल अवश्य करें । images के alt text भी डाले , alt text में भी मुख्य keyword का इस्तेमाल जरुर करें ।
Images का seo आर्टिकल के on-page-seo के लिये प्लस पाॅइंट है ।

Thumbnail image attractive लगाये जिससे user देखते हि क्लिक करें ।

Image का seo करने से एक फायदा ये भी है कि जब भी कोई user सर्च इंजन में image सर्च करेगा तो आपकी image सबसे ऊपर आयेगी , उस image के द्वारा वो user आपके आर्टिकल पर भी आ सकता है ।

10. Content:-

Content हि आपके आर्टिकल का सब कुछ होता है , आप आर्टिकल चाहे कोई भी भाषा में लिखे फ़र्क  नही पडता , आपकि भाषा की audience आपको मिलेगी लेकिन आपका content unique होना चाहिये । आपको खुद का लिखा हुआ होना चाहिये कहीं से काॅपी  ना किया हो ।

Content को tital से रिलेटेड हि रखे जिससे user आपके आर्टिकल से जुड़ा रहे । अगर आप misleading content लिख रहे हो , आपका tital कुछ ओर है और आप लिख कुछ और रहे हो तो आपके आर्टिकल को सर्च इंजन में कहीं भी जगह नही मिलने वाली । इसलिए हमेशा unique content लिखे ।

11. Article length:-

आर्टिकल की length से तात्पर्य है आर्टिकल कितना बडा हो , आर्टिकल 2000 शब्दों का लिखे जिससे on-page-seo अच्छा रहता है । अगर आपका टाॅपीक ऐसा है कि इतना बडा आर्टिकल नही लिख सकते तो कम से कम 1000 शब्दों का आर्टिकल अवश्य लिखे । जितना बडा आर्टिकल होगा उतनी अच्छी रैंकिंग की सम्भावना होगी ।

बडा आर्टिकल लिखने के चक्कर में फालतू की चीजें ना लिखे सिर्फ सही सही बाते लिखे जो on-page-seo के लिये फायदेमंद रहेगा । बडे आर्टिकल से on-page-seo पर ये असर पडता है कि आपके द्वारा बताई गई जानकारी विस्तार से और बहुत अच्छे से समझाई गई है ।

12. internal and external linking:-

एक आर्टिकल के on-page-seo के लिये internal and external linking बहुत महत्वपूर्ण है । सर्च इंजन की भाषा में internal and external linking को back links कहते है । अगर आप कुछ समय से ब्लाॅगीग कर रहे है तो back links के बारे में  सुना होगा ।

अब हम समझते है article में internal and external linking कैसे करते है ?

On page seo

⊙ जब हम किसी दुसरी वेबसाइट के किसी भी आर्टिकल/ब्लाॅग को हमारे आर्टिकल में लिंक करते है तो इसे external linking कहते है ।

⊙ जब हम हमारे आर्टिकल में हमारी वेबसाइट के हि अन्य articles को लिंक करते है तो इसे internal linking कहते है ।

Internal linking and external linking से हमारे on-page-seo के साथ साथ हमारे डोमेन ओथ्योरिटी भी बढती है । 

Internal linking से हमारे एक आर्टिकल की audience दुसरे आर्टिकल पर आती है जिससे दुगना फायदा मिलता है ।

12. Page speed:-

किसी भी आर्टिकल की page speed , उसको लोड होने /पुरा खुलने में लगने वाला समय होता है । आपके आर्टिकल की page speed जितनी अधिक होगी on-page-seo के लिये उतना हि अधिक फायदा होगा । सर्च इजंन आपके आर्टिकल को क्रावल करते समय उसकी page speed भी देखता है , आपके आर्टिकल की जितनी अधिक page speed होगी उतनी ही अच्छी रैंकिंग मिलेगी ।

13. Bonus rate:-

जब कोई user आपके आर्टिकल पर क्लिक करके उस खुलने से पहले हि back कर जाता है तो इसे bonus rate कहते है । अगर आपके आर्टिकल का bonus rate बहुत अधिक बढ जाता है तो आर्टिकल की रैंकिंग के लिये बहुत बडा नुकसान है ।

इससे बचने के लिये page speed ज्यादा से ज्यादा रखे और आर्टिकल में कम size की images का इस्तेमाल करें । bonus rate भी on-page-seo में महत्वपूर्ण है ।
अगर संक्षेप में बताये तो , 

⊙आर्टिकल को कम से कम 1000 शब्दों का लिखे ,
 
⊙कम size की images लगाये 

⊙tital छोटा रखे 

⊙permalink भी short रखे 

⊙headings डाले 

⊙ keywords का सही जगह पर इस्तेमाल करें

⊙page speed अधिक रखे 

⊙ linking करें


अगर आप इन सभी स्टेप्स को फोलो करते हो तो आपका on-page-seo बेहतरीन होगा और बहुत कम समय में आपका आर्टिकल रैंक कर जायेगा ।

अगर जानकारी पसन्द आई तो हमें कमेन्ट करके जरुर बताये , अगर आपका कोई सवाल है तो कमेन्ट करके पुछ सकते है , हम जल्द से जल्द जवाब देने कि कोशीश करेंगे ।

Blogging से जुडी ममहत्वपूर्ण जानकारी के लिये , visit करते रहे www.achievedreams.in

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